bcc इकाई सेल में मुक्त खाली जगह का प्रतिशत है
- 32%
- 34%
- 28%
- 30%
एक धातु का रवाकरण हेक्सागोनल क्लोज़ पैक संरचना में होता है ,तो धातु की कॉर्डिनेशन संख्या है
- 12
- 8
- 4
- 6
सिंपल क्यूबिक्स एकक सेल की संकुलन क्षमता होती है
- 20%
- 30%
- 52%
- 62%
फलक केंद्रित घनीय जालक में एक एकक कोष्टिका कितनी एकक कोष्ठिकाओं के साथ सहभाजीत होती है
- 8
- 4
- 2
- 6
एक क्रिस्टल में कितने प्रकार के क्रिस्टल जालक संभव है
- 23
- 7
- 230
- 14
पोटेशियम का क्रिस्टलन होते हैं
- फलक केंद्रित घनीय जालक में
- अंतः केंद्रित घनिया जालक में
- सरल घनीय जालक में
- त्रिनताक्ष क्रिस्टल में
C6H6 कैसा पदार्थ हैं
- अनु चुंबकीय
- लोह चुंबकीय
- प्रति चुंबकीय
- इनमें से कोई नहीं
एक चतुष्फलकीय जालक में अर्द्धव्यास अनुपात( r+/r-)का मान होता है
- 0.414-0.732
- 0.732-1.00
- 0.156-0.225
- 0.225-0.414
निम्न में से किस ऑक्साइड का ठोस जालक रोधक हैं
- VO
- CoO
- ReO3
- Ti2O3
शार्टकी दोष होने के कारण है
- लैटिस साईट से कैटायन की अनुपस्थिति
- लैटिस साईट से एनायन की अनुपस्थिति
- केटान की विस्थापन
- लैटिस साईट से कैटायन तथा एनायन के पेयर की अनुपस्थिति
जालक में AB.AB व्यवस्था दर्शाती हैं
- घनाकार जालक
- bcc जालक
- fcc जालक
- hcp जालक
निम्नलिखित में कौन बेरवादार ठोस है
- Graphite
- Quartz glass
- Chrome Alum
- Silicon Carbide
5% केन सुगर(अणु भार=342),X के 1% घोल के साथ Isotonic है X का अणु भार कितना है
- 34.2
- 171.2
- 68.4
- 136.8
Isotonic solution वे होते है जिनके बराबर होते है
- Osmotic
- Freezing
- Boiling
- All
0.1M Ba(NO2)2 घोल का वांट हॉफ गुणक 2.74 है तो विघटन स्तर है
- 91.3%
- 87%
- 100%
- 74%
अगर n घुल्य पदार्थ के मोल की संख्या तथा N घोलक के मोल की संख्या है तो घुल्य के मोल प्रभाज है
- n+N
- n/N+n
- N/N+n
- All
1 लीटर विलयन में उपस्थित विलेय के ग्राम सम्तुल्यांको की संख्या को कहते है
- मोलरता
- मोललता
- N/N+n
- All
27℃ पर 18 ग्राम प्रति लीटर वाले ग्लूकोज विलियन का परिसारक दाब 2.46 वायुमंडल है ग्लूकोज का अणुभार हैं
- 180
- मोललता
- N/N+n
- All
1 मोलल जलीय विलियन में विलय का मोल प्रभाज होगा
- 0.009
- 0.018
- 0.027
- 0.036
1 mol KI विलयन के क्षारीय माध्यम में KMnO4 के कितने मोल अपचयित होंगे
- 1/5
- 1
- 5
- 2
हिमांक के अवनमन की विधि का उपयोग किस प्रकार की पदार्थों की अणुभार निर्धारण में किया जाता है
- गैस
- वाष्पशील द्रव
- अवाष्पशील अविद्धुत विच्छेद
- अवाष्पशील द्रव
किसी वाष्पशील द्रव के अणुभार का निर्धारण किया जाता है
- विक्टर मेयर विधि
- रेनो विधि से
- हिमांक के अवनमन की विधि से
- क्वथनांक के उन्नयन विधि से
हिमांक के अवनमन विधि द्वारा अणुभार निकालने की विधि को
- क्रायोस्कोपिक कहते है
- ईबुलियोस्कोपिक कहते है
- ट्रैबोस्कोपिक कहते है
- इनमें से कोई नहीं
राउलट के नियम अनुसार Tb=Kbx a x 1000/bxM जहाँ Kb कहलाता है
- राउलट के स्थिरांक
- उन्नयन स्थिरांक
- यूनिवर्सल स्थिरांक
- इनमें से कोई नहीं
यदि द्रव HCl का घनत्व 1.17 gm/cc हो तो इसकी मोलरता होगी
- 36.5
- 18.25
- 32.05
- 42.10
2.5 लीटर 1M 3 लीटर 0.5M NaOH विलयनों के मिश्रण की मोलरता होगी
- 0.80M
- 1.0M
- 0.73M
- 0.5M
किसी विलयन में विलेय का मोल प्रभाज व्यक्त किया जाता है
- Xsolute=n/n+N
- Xsolute=N/n+N
- Xsolute=N/n
- इनमे से कोई नहीं
किसी गैस के विलयक में विलेयता का समीकरण है
- S=Kpx
- S=px
- S=K/px
- इनमे से कोई नहीं
निम्नलिखित में से कौन राउलट नियम है
- p=p0X
- p0=pX
- S=K/px
- इनमे से कोई नहीं
5g NaOH युक्त 250ml विलयन की मोलरता क्या होगी
- 0.1M
- 0.5M
- 1M
- इनमें से कोई नहीं
फैराडे का विद्धुत विच्छेदन का द्वितीय नियम संबंधित है
- धनायन के परमाणु संख्या के
- ऋणायन के परमाणु संख्या के
- विद्धुत अपघटय के समतुल्य भार के
- इनमें से कोई नहीं
निम्नलिखित में कौन द्वितीयक सेल है
- लेकलांशे सेल
- लेड स्टोरेज बैटरी
- विद्धुत अपघटय के समतुल्य भार के
- इनमें से कोई नहीं
द्रवित सोडियम क्लोराइड विद्धुत अपघटन से कैथोड पर मुक्त होता है
- क्लोरीन
- सोडियम
- सोडियम अमलगम
- इनमें से कोई नहीं
विद्धुत अपघटय के विलयन में मोलर चालकता में तनुकरण द्वारा वृद्धि का कारण है
- आयनिक आकर्षण में वृद्धि
- आण्विक आकर्षण में वृद्धि
- सोडियम अमलगम
- इनमें से कोई नहीं
जब एक एम्पियर की धारा एक सेकंड तक किसी चालक में बहती है ,तो विधुत की इस मात्रा को जाना जाता है
- फैराडे से
- आण्विक आकर्षण में वृद्धि
- सोडियम अमलगम
- इनमें से कोई नहीं
विशिष्ट प्रतिरोध की इकाई है
- ओम-1
- ओम-1सेमी-1
- ओम सेमी
- ओम सेमी-1
यदि Zn2+/Zn इलेक्ट्रोड को 100 गुना तनु करते है तो e.m.f. में परिवर्तन होगा
- 59.mV बढ़ेगा
- 59 mVघटेगा
- ओम सेमी
- ओम सेमी-1
विद्युत अपघटन के नियम दिए थे
- लैमार्क
- फैराडे
- आर हीनियस
- ओस्टवाल्ड ने
एक फैराडे होता है
- 69500 कुलोम
- 96500 कुलोम
- आर हीनियस
- ओस्टवाल्ड ने
फैराडे की इकाई है
- ऐम्पियर
- C
- C/mol
- ओस्टवाल्ड ने
किसी अभिक्रिया का वेग निम्नांकित प्रकार से व्यक्त होता है वेग =k[A]2[B] तो इस अभिक्रिया की कोटि होगी
- 2
- 3
- 1
- ओस्टवाल्ड ने
किसी प्रथम कोटि की अभिक्रिया का वेग स्थिरांक निर्भर नहीं करता है
- ताप पर
- दाब पर
- 1
- ओस्टवाल्ड ने
अधिकांश अभिक्रियाओं के लिए संक्रियण ऊर्जा 50 KJ/mol है इस अभिक्रिया के लिए ताप गुणांक होगा
- लगभग 2
- लगभग 3
- 1
- ओस्टवाल्ड ने
अभिक्रिया की संक्रियण ऊर्जा निर्धारित की जाती है
- क्रियाधार समय ग्राफी खींच कर
- वेग समय ग्राफ खींच कर
- दो विभिन्न तापों पर वेग स्थिरांक की गणना करके
- इनमें से किसी से नहीं
एक रेडियोएक्टिव पदार्थ का विघटन स्थिरांक 0.58 /hr है इसका अर्द्ध आयु काल होगा
- 8.2hr
- 5.2hr
- 1.2hr
- 2.4hr
एक रेडियोएक्टिव पदार्थ की अर्द्ध आयु 40 days है औसत आयु होगी
- 5.76days
- 57.6days
- 646 days
- 4.56 days
किसी रासायनिक अभिक्रिया में वेग निर्धारक पद होता है
- मंद पद
- मध्यम पद
- प्रारम्भिक पद
- 4.56 days
यदि वेग नियतांक की इकाई M/S हो तो अभिक्रिया की कोटि होगी
- 0
- 1
- 0.5
- 2
उदासीनीकरण की क्रिया को पूर्ण होने में समय लगता है
- 10 सेकंड
- 10-10सेकंड
- 100 सेकंड
- 2
उत्प्रेरक के उपस्थिति के कारण ऊर्जा अवरोध की ऊर्जा का मान
- बढ़ती है
- घटती हैं
- स्थिर रहती है
- कभी घटती है कभी बढ़ती है
निम्नलिखित में कौन सा अनु संख्या गुणधर्म नहीं है
- हिमांक का अवनमन
- प्रकाशीय क्रियाशीलता
- वाष्पदाब का आपेक्षिक अवनमन
- क्वथनांक का उन्नयन
सामान्य ताप एवं दाब पर किसी गैस के एक मोल का आयतन है
- 11.2लीटर
- 22.4लीटर
- 10.2लीटर
- 22.2लीटर
234.2 ग्राम चीनी के घोल में 34.2 ग्राम चीनी है घोल का मोलर सांद्रण क्या है
- 0.1
- 0.5
- 5.5
- 22.2लीटर
5% केन शुगर (अणुभार=342) आइसोटोनिक है 1% घोल X के साथ X का अणुभार कितना है
- 34.2
- 171.2
- 68.4
- 136.8
किसी विलयन के 200 ml में 2 ग्राम घुले है विलयन की मोलरता है
- 0.25
- 0.5
- 5
- 10
जांतव झिल्ली में छन जाने वाला विलयन कहलाता है
- समांगी विलयन
- निलंबन
- 5
- 10
चिमनी से निकलने वाला धुँआ उदाहरण है
- ठोस में गैस
- द्रव में गैस
- गैस में गैस
- गैस में ठोस
माध्यम में कोलाइडी कणों की अनियमित Zig-Zag गति कहलाती है
- पैप्टिकरण
- अपोहन
- स्कंदन
- ब्राउनियन गति
निम्नलिखित में से कौन कोलॉइडल घोल नहीं है
- जल
- दूध
- गोंद
- 10
जब एक द्रव दूसरे द्रव में श्लेषाभीय स्थिति में वितरित रहता है तो ऐसे विलियन को कहा जाता है
- पायस
- वास्तविक विलियन
- निलंबन
- 10
अयस्क में उपस्थित अशुद्धि को कहते है
- फ्लक्स
- गैग
- निलंबन
- 10
कॉपर पायराइट का सूत्र'है
- CuFeS
- CuFeS2
- Cu2S
- Cu2FeS2
अल्युमिनियम का अयस्क है
- बॉक्साइट
- हेमाटाइट
- डोलोमाइट
- Cu2FeS2
मैलाकाइट अयस्क है
- लोहा
- कॉपर
- जिंक
- Cu2FeS2
अवार्चीन आवर्त सरणी किसने बनाया
- डेबोनियर
- मोसले
- मेंडल
- Cu2FeS2
निम्नलिखित में कौन सी धातु भू पर्पटी में प्रचुरता से पायी जाती है
- Mg
- Na
- Al
- Cu2FeS2
कॉपर निष्कर्षण की प्रगलन क्रिया में निर्मित धातुमल का रासायनिक संघटन है
- Cu2O+FeS
- FeSiO3
- SuFeS
- Cu2FeS2
निम्नलिखित में से कार्बोनेट अयस्क है
- पैरोलोसाइट
- मेलेकाइट
- डायस्पोर
- Cu2FeS2
लाइम एक रिफ्रैक्ट्री मटेरियल है
- क्षारीय
- अम्लीय
- डायस्पोर
- Cu2FeS2
जारण निस्तापन की अपेक्षा सम्पन्न किया जाता है
- उच्चतर ताप पर
- निम्नतर ताप पर
- डायस्पोर
- Cu2FeS2
श्रृंखलन गुण सबसे ज्यादा होता है
- फास्फोरस में
- कार्बन में
- डायस्पोर
- Cu2FeS2
समुंद्री जल में पाए जाने वाला तत्व है
- मैग्नीशियम
- सोडियम
- आयोडीन
- Cu2FeS2
H3PO3 है एक
- एक भास्मिक अम्ल
- द्विभास्मिक
- त्रिभास्मिक
- Cu2FeS2
चक्रीय मेटाफ़ॉस्फ़ोरिक अम्ल में p-o-p बंध की संख्या है
- 2
- 0
- 3
- 4
ऑक्सीजन और ओजोन हैं
- समभारिक
- समावयवी
- अपररूप
- समस्थानिक
निम्नलिखित में कौन सा धातु साधारण ताप पर द्रव होता है
- जिंक
- पारा
- ब्रोमिन
- जल
सल्फाइड अयस्क का समाहरण किया जाता है
- फेन उत्प्लवन विधि द्वारा
- विद्युत विच्छेदन
- भर्जन
- इनमें से कोई नहीं
बल्बों में भरने हेतु उत्कृष्ट गैस है
- He
- Ne
- Ar
- Kr
Rn की खोज की थी
- रैले ने
- रैम्से ने
- फिशर ने
- डॉर्न ने
गोताखोर O2के साथ मिला कर ले जाते हैं
- N2
- He
- Ar
- Rn
d-ऑर्बिटल का आकार होता है
- गोलीय
- डंबबेल
- डबल डंबबेल
- इनमें से कोई नहीं
सोना धातु का ऑक्सीकरण संख्या होता है
- +1
- 0
- -1
- 5
भूपर्पटी पर सर्वाधिक पाये जाने वाले तत्व है
- Si
- Al
- Ar
- Fe
किस ग्रुप के तत्वों को संक्रमण तत्व कहा जाता है
- p-ब्लॉक
- s-ब्लॉक
- d-ब्लॉक
- f-ब्लॉक
निम्न में से किस धातु की ऑक्सीजन अवस्था अधिकतम होती है
- Sc
- Ti
- Os
- Zn
समान चुंबकीय आघूर्ण ( B.M ) वाले समूह है
- Ti3+,V4+
- Ti3+,V3+
- Ti3+,Cr3+
- Ti3+,Co2+
संक्रमण श्रेणी के पहले तत्व स्कैंडियम की स्थाई ऑक्सीकरण अवस्था होती है
- +1
- +2
- +3
- +4
किसका +2 ऑक्सीकारक अवस्था सबसे स्थिर है
- Sn
- Ag
- Fe
- Pb
संक्रमण तत्त्व है
- धातु
- अधातु
- d-खण्ड के तत्त्व
- गैस
लोहे के धातु में प्रयुक्त वात्या भट्टी का अधिकतम तापमान होता है
- 100℃
- 1300℃
- 400℃
- 900℃
निम्नलिखित अपररूप में कार्बन का सर्वाधिक प्रतिशत अधिकतम है
- कास्ट चारकोल में
- कोकोनट चारकोल में
- ग्रेफाइट में
- 900℃
कार्बनिक यौगिक में तत्व उपस्थित होना चाहिए
- ऑक्सीजन
- कार्बन
- हाइड्रोजन
- नाइट्रोजन
कार्बन कार्बन एकल बंध की लंबाई है
- 1.34
- 1.20
- 1.54
- इनमें से कोई नहीं
कार्बन की संयोजकता हैं
- 1
- 2
- 3
- 4
सीएनजी में मुख्य रूप में होता है
- मीथेन
- एथेन
- ब्यूटेन
- आइसो ब्यूटेन
सामान्य सूत्र CnH2n+2 वाले योगिक हैं
- एल्कीन
- एल्काइन
- एल्केन
- आइसो ब्यूटेन
सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल की उपस्थिति में क्लोरो बेंजीन को क्लोरल की उपस्थिति में गर्म करने पर निर्मित योगीक हैं
- गैंमिक्सिंन
- DDT
- एल्केन
- आइसो ब्यूटेन
यौगिक जिसका अणुसूत्र C2BrClFI है के समवयवीयों की संख्या है
- 3
- 4
- एल्केन
- आइसो ब्यूटेन
एसिटिलीन HgCl2 की उपस्थिति में HCl से अभिक्रिया कर देता है
- एथीन
- 4
- एल्केन
- आइसो ब्यूटेन
हैलोफॉर्म अभिक्रिया विश्लेषणात्मक परीक्षण के लिए आधार है
- एल्डिहाइड का
- मिथाइल कीटोन का
- एल्केन
- आइसो ब्यूटेन
डाई एथिल एथर की HI के आधिक्य से क्रिया का उत्पाद है
- एथेनॉल
- जल
- एथिल आयोडाइड
- आइसो ब्यूटेन
ईथर अणु में C-O-C कोण का मान होता है
- 180
- 109'28
- 105
- 111.7
इनमें से कौन मिश्रित ईथर को प्रदर्शित करता है
- R-O-R
- R-OR'
- R'-O-R'
- इनमें से कोई नहीं
मेथेनॉल में कोण पाया जाता है
- 104
- 107
- 108.5
- 109.28
औधोगिक स्तर पर फिनॉल का निर्माण किया जाता है
- बेंजीन द्वारा
- क्लोरोबेंजीन
- क्यूमिन
- 109.28
फिनॉल में C-O-H कोण का मान होता है
- 100
- 109
- 121
- 130
परिशुद्ध अल्कोहल में C2H5OH की प्रतिशत मात्रा हैं
- 95.5%
- 96%
- 98%
- 99.5%
निम्नलिखित में से कौन सा योगिक हाइड्रोक्सील आयन के आक्रमण के प्रति प्रतिरोधी हैं
- मेथिल एसीटेट
- एसीटोनाइट्राइल
- एसिटोमाइ
- 99.5%
मदीरा के रूप में प्रयुक्त ऐल्कोहॉल हैं
- मेथेनॉल
- एथेनॉल
- ब्यूटेन -1-ऑल
- प्रोपेन-1- ऑल
जब एक ऐल्कोहॉल सांद्रण H2SO4 से क्रिया करता हैं तब निर्मित मध्यवर्ती हैं
- कार्बो धनायन
- ऐल्कॉक्सी आयन
- ब्यूटेन -1-ऑल
- प्रोपेन-1- ऑल
निम्न में से कौन 50% हाइड्रॉक्साइड विलयन के साथ क्रिया करके संगत ऐल्कोहॉल तथा अम्ल देता है
- ब्यूटेनॉल
- बेन्जेल्डिहाइड
- फिनॉल
- बेन्जोइक अम्ल
बेन्जोइक अम्ल से किसके द्वारा बेंजॉइल क्लोराइड बनाता है
- Cl2,hv
- SO2Cl2
- SOCl2
- Cl2,H2O
बेंजमाइड के साथ क्रिया करके देता है
- एनीलिन
- क्लोरोबेंजीन
- बेंजील एमीन
- बेंजोनाइट्राइल
X-सोडलाइम के साथ क्रिया करके एथेन देता है X है
- एथेनोइक अम्ल
- मेथेनोइक अम्ल
- प्रोपेनोइक अम्ल
- a या b
एक प्रबल क्षार किससे हाइड्रोजन कम कर सकता है
- कीटोंन
- एल्केन
- एल्कीन
- ऐमिन
निम्न में से कौन जलीय KOH को गर्म करने पर एसिटल्डिहाइड बनाता है
- CH3CH2Cl
- CH2Cl,CH2
- CH3CHCl2
- CH3COCl
ऐल्डॉल संघनन में निर्मित उत्पाद है
- α,β-असंतृप्त ईथर
- α,β-हाइड्रोक्सी अम्ल
- α,β-हाइड्रोक्सी ऐल्डीहाइड तथा कीटोन
- α-हाइड्रोक्सी ऐल्डीहाइड या कीटोन
पेण्ट-3- इन -2-ऑल के पेण्ट-3- इन-2- ओन में परिवर्तन के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिकर्मक है
- अम्लीय परमैगनेट
- अम्लीय डाइक्रोमैट
- ग्लेशियन एसिटिक अम्ल में क्रोमिक एनहाइड्राइड
- पिरिडिनियम क्लोरोमैट
कार्बोनिल ग्रुप में कार्बन परमाणु होता है
- Sp- हाईब्रीडाइज्ड
- Sp2- हाईब्रीडाइज्ड
- Sp3- हाईब्रीडाइज्ड
- इनमें से कोई नहीं
लैक्टिक अम्ल में की संख्या है
- 4
- 5
- 1
- 3
नाइट्रो बेंजीन का उदासीन माध्यम में अपचयन करने पर मुख्य उत्पाद बनता है
- एनीलिंन
- हाइड्रोजो बेंजीन
- पैरा एमिनो फिनोल
- N-फेनिल हाइड्रोसिल एमीन
नाइट्रो समूह का बेंजीन वलय पर प्रभाव होता है
- सक्रियणकारी
- निष्क्रियणकारी
- सामान्य
- इनसे भिन्न
नाइट्रो बेंजीन जब ठोस ROH से क्रिया करती हैं तो या o तथा p-नाइट्रो फिनोल बनाती हैं यह क्रिया उदाहरण है
- इलेक्ट्रॉन स्नेही प्रतिस्थापन क्रिया
- नाभिक स्नेही
- मुक्त मूलक
- इलेक्ट्रॉन स्नेही योगात्मक
एनीलिंन को सांद्र H2SO4 के साथ 453K पर गरम करने पर उत्पाद बनता हैं
- बेंजीन
- सल्फोनिक ऐसिड
- सल्फेनिलिक एसिड
- p-क्रीसॉल
एमाइडो पर Br2 एवं KOH की क्रिया द्वारा एमीन्स का बनना कहलाता है
- कार्बिल एमीन क्रिया
- कर्टियस अभिक्रिया
- हाफमैन मस्टर्ड आयल क्रिया
- p-क्रीसॉल
ऑयल ऑफ मीराबेन कहलाती है
- बेंजीन
- कर्टियस अभिक्रिया
- नाइट्रोबेंजीन
- फिनॉल
नाइट्रो बेंजीन के अम्लीय माध्यम में अपचयन करने पर मुख्य उत्पाद बनता हैं
- ऐनिलीन
- हाइड्रेज़ोबेंजीन
- ऐजोबेंजीन
- फिनॉल
निम्न में किसका नाइट्रीकरण सबसे धीमी गति से होगा
- बेंजीन
- नाइट्रोबेंजीन
- फिनॉल
- m-डाई नाइट्रोबेंजीन
आइसो सायनाइड जल अपघटन पर उत्पाद देते है
- 1ऐमिन
- 2 ऐमिन
- 3 ऐमिन
- 4 ऐमिन
निम्न में से कौन सी श्रेणी का एमीन KOH से कोई क्रिया नहीं करता है
- प्राथमिक
- द्वितीयक
- तृतीयक
- चतुष्क एमीन
निम्नलिखित में कौन सी दवा बुखार को कम करते हैं
- एनालजेसिक
- 5
- मैनोज
- तेल का आंशिक जल अपघटन
ग्लूकोज में काइरल कार्बन की संख्या है
- 4
- 5
- मैनोज
- तेल का आंशिक जल अपघटन
फलों की शर्करा कहलाती हैं
- ग्लूकोज
- फ्रक्टोज
- मैनोज
- तेल का आंशिक जल अपघटन
ऊर्जा परिवर्तन का उदाहरण है
- ADP से ATP
- तेल का वसा में परिवर्तन
- कार्बोहाइड्रेट का जल अपघटन
- तेल का आंशिक जल अपघटन
सुक्रोज उदाहरण प्रस्तुत करता है
- मोनोसैकेराइड का
- हाई सैकेराइड का
- ट्राई सैकेराइड का
- पॉली सैकेराइड का
विटामिंस की खोज निम्न में से किस वैज्ञानिक ने की थी
- फंक ने
- हॉवर ने
- अरस्तु ने
- पॉली सैकेराइड का
विटामिन C का मुख्य स्रोत है
- निंबू तथा संतरा
- केला तथा आनंनस
- सेब तथा पपीता
- धान तथा गेहूं
अनावश्यक एमिनो एसिड का उदाहरण है
- ल्युसिन
- वेलीन
- सीरीन
- ट्रिप्टोफेन
DNA की खोज की थी
- वाट्सन एवं क्रिक ने
- विलियम फ्लेमिंग ने
- डॉ हरीगोविंद खुराना ने
- विलियमसंस ने
हिमोप्रोटीन मिलती हैं
- दूध में
- रक्त में
- वसा में
- फलों में
निम्नलिखित में कौन बायोडिग्रेडेबल बहुलक है
- सेल्यूलोज
- पॉलिथीन
- PVC
- नायलॉन
नमक तथा मोम के समान बहुलक का उदाहरण है
- पॉलीविनाइड एसीटेट
- यूरिया रेजिंन
- टेफलॉन
- बैकेलाइट
कार्य के आधार पर बहुलक को कुल कितनी श्रेणियों में बांटा जाता है
- 4
- 5
- 7
- 9
एक प्रकृतिक बहुलक में संरचनात्मक इकाई मिलती है
- पॉली एथीन की
- पॉली प्रोपीन की
- पॉली स्टाइरीन की
- पॉली आइसो प्रीन की
संघनन बहुलीकरण द्वारा बनाए गए बहुलक हैं
- नोबोलाक
- नायलॉन -6
- बैकेलाइट
- ये सभी
पॉलीमर बनाने की सबसे छोटी इकाई कहलाती है
- मोनोमर
- डाइमर
- ट्राइमर
- एनोमर
बुलेट प्रूफ काँच बनाने में प्रयुक्त बहुलक है
- PMMA
- लेक्शन
- नोमेक्स
- कैलोर
प्राकृतिक रूप में पाए जाने वाला जैव बहुलक है
- टेफलॉन
- DNA
- रबर
- नायलॉन -66
निम्न में से कौन सा बहुलक प्राकृतिक बहुलक नहीं है
- स्टार्च
- प्रोटीन
- मैलेमीन
- न्यूक्लिक अम्ल
निम्नलिखित में से संघनन बहुलक का उदाहरण है
- पॉलिथीन
- टेफलॉन
- पॉलीविनाइड क्लोराइड
- नायलॉन66
पदार्थ जो शरीर का ताप कम करता है
- ज्वरनाशी
- पीड़ाहारी
- प्रति जैविक
- इनमें से कोई नहीं
फिनॉल का 1% विलयन होता है
- पूर्तिरोधी
- विसंक्रामक
- प्रतिमलेरियल औषध
- प्रतिहिस्टामिन
इब्रुप्रोफेन क्या है
- सल्फा ओषधि
- पीड़ाहारी
- एंटीहिस्टामिन
- इनमें से कोई नहीं
इकवैनिल का उपयोग होता है
- अवसाद मिटाने में
- तनाव पैदा करने में
- कैंसर उपचार में
- एलर्जी में
एक वृहद स्पेक्ट्रम प्रतिजैविक है
- पैरासिटामोल
- पेनिसिलिन
- एस्प्रिन
- क्लोरोफेनिकोल
यौगिक जो ज्वरनाशी तथा पीड़ाहारी दोनों का कार्य करता है
- फिनेसेटिन
- सल्फा ड्रग
- पैरासिटामोल
- एस्प्रिन
एमोक्सिलिन किसका अर्ध्द संश्लेषित रूपांतरण है
- पेनिसिलिन
- स्ट्रेप्टोमाइसिन
- टेट्रामाइक्लिन
- क्लोरोमफेनिकोल
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